नोएडा में सुपरटेक के अवैध Twin Tower को ढाह दिया गया। 

कुतुब मीनार से भी ऊँचा लगभग 103 मीटर ट्विन टावर को ध्वस्त कर दिया गया। 

ट्विन टॉवर को ध्वस्तीकरण के लिए 3700 किलो विस्फोटक का प्रयोग किया गया। 

ट्विन टावर ध्वस्त होने से  करीब 55,000 से 80,000 टन तक मलबा निकलने का अनुमान है।  इसे हटाने में तकरीबन 3 महीने तक का समय लग सकता है। 

ट्विन टावर ध्वस्त होने में करीब 55,000 से 80,000 टन तक मलबा निकलने का अनुमान है।  इसे हटाने में तकरीबन 3 महीने तक का समय लग सकता है। 

जब सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग सोसाइटी को पहली बार बनाने की मंजूरी मिली थी, तब यह योजना 14 टॉवर और 9 फ्लोर की थी।

बाद में प्लान में संशोधन किया गया और बिल्डर को प्रत्येक टॉवर में 40 फ्लोर तक बनाने की अनुमति दी गई थी।

इसके बाद 2012 में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी में रहने वाले लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में बिल्डिंग को अवैध बताते हुए याचिका दायर की।

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि सुपरटेक समूह ने अधिक फ्लैट बेचने और अपने लाभ मार्जिन को बढ़ाने के लिए मानदंडों का उल्लंघन किया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2014 में, प्राधिकरण को आदेश दायर करने की तारीख से चार महीने के भीतर खुद के खर्च पर टॉवरों को ध्वस्त करने का निर्देश दिया।

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