Insurance Vs Bank A/c : 2 में से कौन सा Best हैं ?

Insurance ले या बैंक में पैसा निवेश करें। यदि आप भी इस प्रश्न का उत्तर खोज रहे हैं तो आप बिलकुल सही स्थान पर आए हैं।

आपके सवाल का जवाब मैं एक उदाहरण के साथ देता हूँ , जिस से आपको यह समझ में आ जायेगा की अपना पैसा को कहा पर सुरक्षित तरीके से निवेश कर पाए और अच्छा रिटर्न कमा पाए।

कही भी निवेश करने से पहले इस के शर्तावली को जरूर पढ़े और ज्यादा रिटर्न कमाने के चक्कर में अपना भारी नुकशान न कर ले।

Insurance और Bank , दोनों ही अलग – अलग संथाये हैं। आपको बता दे की Insurance को IRDAI और Bank को RBI रेगुलेट करता हैं।

भारत वर्ष में कुल 24 बीमा की कम्पनिया हैं जिसमे से एक पब्लिक सेक्टर ( LIC ) और बाकि की 23 प्राइवेट कंपनिया हैं। और इन सभी को IRDAI चलता हैं।

Term Life Insurance क्या हैं ?

Insurance (बीमा) और Bank (बैंक) में अंतर क्या हैं ?

बीमा हमें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता हैं और जब कोई पालिसी कर्त्ता किसी कंपनी का बीमा खरीदता हैं तब बीमा कंपनी के साथ उसका एक अनुबंध होता हैं की यदि उसे कुछ हो जाये तो उसके परिवार को बीमा कंपनी एक तय राशि का भुगतान करेगी।

लेकिन बैंक हमें वित्तीय सुरक्षा प्रधान नहीं करती बीमा की तरह। चुकी बीमा में आपको अतिरिक्त राशि भी दी जाती हैं लेकिन बैंक में अपने जितना जमा किया उतना प्लस कुछ व्याज मिलता हैं।

चलिए उदाहरण देखते हैं –

श्रीमान अमित शर्मा जी की एक गैराज के मालिक हैं। उनके अपने परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। और वह अपने परिवार के भविष्य के लिए कुछ निवेश करना चाहते हैं।

लेकिन वे बहुत ही उलझन में कहा निवेश करे – Bank में या फिर Insurance में। आगे बढते हैं

अब वह अपने एक दोस्त, मिश्रा जी से मिले। उनका दोस्त एक फाइनेंसियल सलाहकार हैं। और वह अमित जी को एक छोटा सा उदाहरण देकर समझा रहे –

अमित जी की आय में से हर महीना 5000 रुपया की बचत होती है। इसे पैसे को दोनों जगह तुलना कर के , अमित को बताने वाले हैं की कहा निवेश करे।

एक महीना में 5000 की बचत होती हैं तो एक साल में कितनी होगी , 5000*12 = 60,000 रुपया

इस रूपये को अमित जी के दोस्त ने दोनों जगह ( बीमा और बैंक ) रख कर उन्हें समझा शुरू किया।

Insurance Vs Bank A/c : 2 में से कौन सा Best हैं ? 1
Insurance Vs Bank

मिश्रा जी अपने दोस्त अमित को बताय की आप इस पैसे को अगर बैंक अकाउंट 10 साल के लिए जमा करते है तो आपको कुल 60000 *10 = 600000 और प्लस में कुछ व्याज मिलेगा। और आगे 20 साल तक इस पैसे को बैंक में रहने देते हैं , तो 20 साल के बाद आपको कितना मिलेगा – ( 6,00,000 रुपया + व्याज )

इसी प्रकार, 5000 कर के आप साल का 60000 रुपया बीमा में जमा करते हैं तब आपको मिलेगा 60000 और प्लस में कुछ व्याज मिलेगा बिलकुल बैंक की तरह।

10 मिनट में घर बैठे पैन कार्ड बनवाए

इस पर अमित जी पूछ लेते हैं की दोनों जगह एक ही जैसा लाभ मिला रहा हैं तो मैं अंतर जान कर क्या करूँगा ? मिश्रा जी जवाब मिलता हैं प्रभु थोड़ा सब्र करे आगे आपको समझ में आ जायेगा।

बीमा लेना क्यों जरुरी हैं?

मिश्रा जी कहते अब आप 60000 रुपया 10 साल तक बीमा में रखते हैं , तब भी आपको मिलेगा ( 60000 *10 = 600000 रुपया + व्याज ) .

यहाँ तक बीमा में और बैंक में सब कुछ एक जैसा था। लेकिन आगे देखते हैं की इन दोनों में फर्क कहा पर हैं।

भुगतान : मन लीजिये आप बैंक प्रति वर्ष 60000 हजार रुपया जमा करते हैं लेकिन किसी कारण वश आप अगले साल रुपया जमा नहीं कर पाए , तब आपको बैंक कोई लाभ देने वाल नहीं है लेकिन बीमा में ऐसा बिलकुल नहीं हैं. इसमें बहुत से ऐसे प्लान में जिमसे आप का प्रीमियम न दे किसी कारण से , तब कंपनी अपनी तरफ से प्रीमियम का भुगतान करती हैं।

अत्तिरिक्त भुगतान : यदि पालिसी धारक की एक्सीडेंट में या किसी बड़ी बीमारी के कारण मृत्यु हो जाती हैं तब बीमा कंपनी और बैंक, अपने उस ग्राहक के परिवार क्या – क्या देंगे या उसके परिवार वालो को क्या – क्या मिला सकता है –

01) बीमा कंपनी बीमा कंपनी पालिसी धारक के परिवार को प्रीमियम के साथ – साथ अलग से 20,00,000 लाख रुपया तक देती हैं। अलग अलग कंपनी की अलग – अलग राशि हो सकती हैं।

02 ) बैंक : लेकिन बैंक के किसी खाता धारक की किसी भी कारण मृत्यु हो जाती हैं तब बैंक उसके परिवार को वही राशि देगा जो खाता धारक के अकाउंट में जमा थी और साथ ही उस पर कुछ % का व्याज देगी। इसके अलावा कुछ नहीं देगी।

अवधि : यदि आपकी पालिसी जॉइंट पालिसी हैं , तब उसका अलग से फायदा मिलेगा। क्यूंकि पालिसी आपके और आपकी धर्म पत्नी के नाम पर हैं। यदि आप इस दुनिया नहीं रहते हैं तब भी आपकी पालिसी चलती रहेगी और उसका पेमेंट कंपनी खुद करेगी। अंत में पूरा पैसा आपकी पत्नी मिल जायेगा।

टैक्स में छूट : हर कोई आपका टैक्स बचाना चाहता हैं इस लिए इन्शुरन्स में निवेश करना एक अच्छा विक्लप होता हैं जहा पर आपको कुछ सेक्शन के तहत कुछ % का टैक्स में छूट मिलता हैं। लेकिन बैंक में रुपया रखते हैं तो आपको अच्छी खासी टैक्स पेमेंट करनी पड़ती हैं।

जब अमित जी को बात समझ में आ गया क्यूंकि उनको अंतर दिख रहा हैं की कौन -सा लेना चाहिए। उनके नहीं रहने के बाद , उनके परिवार के लिए क्या सही होगा ये उनको साफ़ साफ़ दिखने लगा और वह अपने दोस्त मिश्रा जी को शुक्रिया कहा।

निष्कर्ष : बीमा लेने के और भी बहुत से फायदे हैं लेकिन मैं कुछ ही बारे में आपको बता पाया। जैसे की आपको पता हैं की अब मिश्रा जी अपने दोस्त की मदद करेंगे सही पालिसी लेने में। भगवान करे की सब को मिश्रा जी जैसा एक दोस्त जरूर मिले।

आपको यह पोस्ट ( Insurance Vs Bank A/c : कौन सा Best हैं ? ) अच्छी लगी हो तो इस कहानी को आगे तक जरूर पहुंचाए। आप भी किसी न किसी पक्के वाले दोस्त जरूर होंगे और मुझे पता की आप एक दूसरे को हर पल मदद करते होंगे क्यूंकि इसी को तो दोस्ती कहते हैं।

Leave a Comment

Share via
Copy link